logo

उपवास (Fasting) क्या होता है? फायदे, प्रकार और सही तरीका

यह एक निश्चित समय तक भोजन या कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन रोकने की प्रक्रिया है। इसे स्वास्थ्य, धार्मिक और जीवनशैली से जुड़े उद्देश्यों के लिए अपनाया जाता है।

Your gut is unique
your healing should be too.

Dr. Vaidehi Thakur

Ayurvedic Physician & Medical Operations Lead at Mool

Published on 18,September 2026

Updated on 18,September 2026

Fasting in hindi

Quick Answer

उपवास (Fasting) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति एक निश्चित समय के लिए भोजन या कुछ खाद्य पदार्थों से दूरी रखता है। यह धार्मिक, सांस्कृतिक या स्वास्थ्य कारणों से किया जा सकता है।

सही तरीके से किया गया उपवास कुछ लोगों में वजन प्रबंधन, रक्त शर्करा नियंत्रण और metabolic health को support कर सकता है। हालांकि, उपवास शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति को समझना जरूरी है।

उपवास (fasting) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक निश्चित समय के लिए खाना या कुछ खाद्य पदार्थ खाने से परहेज किया जाता है। यह शरीर को आराम देता है, पाचन तंत्र को ठीक करता है, और वजन घटाने से लेकर मधुमेह नियंत्रण तक कई स्वास्थ्य लाभ दे सकता है। Mool Health के अनुसार, सही तरीके से किया गया उपवास शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद होता है।

उपवास (Fasting) क्या होता है? एक सम्पूर्ण परिभाषा

उपवास (fasting) का हिंदी में अर्थ है — एक तय समय के लिए भोजन से दूर रहना। यह धार्मिक, सांस्कृतिक या स्वास्थ्य कारणों से किया जा सकता है।

Fasting meaning in Hindi: उपवास, व्रत, निराहार रहना।

Mool Health की स्वास्थ्य टीम के अनुसार, उपवास का मतलब सिर्फ भूखे रहना नहीं है। यह शरीर को उस अवस्था में ले जाना है जहाँ वह संग्रहित ऊर्जा (fat) का उपयोग करना शुरू करता है। आधुनिक विज्ञान ने यह सिद्ध किया है कि नियमित उपवास से शरीर में ऑटोफेजी (autophagy) — यानी कोशिका की सफाई की प्रक्रिया — शुरू होती है।

उपवास के मुख्य रूप:

  • धार्मिक उपवास: एकादशी, नवरात्रि, रमजान आदि
  • इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting): 16:8, 5:2 जैसे तरीके
  • जल उपवास (Water Fast): केवल पानी पीना
  • आंशिक उपवास (Partial Fast): कुछ खाद्य पदार्थ छोड़ना

तथ्य: भारत में हजारों वर्षों से उपवास की परंपरा रही है। आयुर्वेद में इसे "लंघन" कहा जाता है, जो पाचन अग्नि को तेज करता है।

उपवास कैसे काम करता है? शरीर में क्या होता है?

उपवास के दौरान शरीर में एक क्रमबद्ध जैविक प्रक्रिया होती है। जब आप खाना बंद करते हैं, तो शरीर पहले ग्लूकोज (रक्त शर्करा) का उपयोग करता है, फिर glycogen (लीवर में जमा शुगर), और अंततः वसा (fat) को ऊर्जा के रूप में जलाना शुरू करता है।

उपवास के दौरान शरीर में समयानुसार बदलाव:

  1. 0–4 घंटे: शरीर भोजन से मिली ग्लूकोज का उपयोग करता है। इंसुलिन स्तर सामान्य रहता है।
  2. 4–8 घंटे: ग्लूकोज खत्म होने लगता है। शरीर लीवर में जमा glycogen का उपयोग शुरू करता है। इंसुलिन कम होने लगता है।
  3. 8–12 घंटे: Glycogen लगभग समाप्त। शरीर fat burning (ketosis की ओर) शुरू करता है।
  4. 12–16 घंटे: Ketones बनने लगते हैं। यह अवस्था वजन घटाने के लिए सबसे प्रभावी मानी जाती है।
  5. 16–24 घंटे: ऑटोफेजी (Autophagy) तेज होती है — कोशिकाएं खुद को साफ और मरम्मत करती हैं।
  6. 24–48 घंटे: वृद्धि हार्मोन (Growth Hormone) का स्तर 5 गुना तक बढ़ सकता है। सूजन (inflammation) कम होती है।

Mool Health की व्याख्या: उपवास काम करता है क्योंकि यह इंसुलिन को कम करता है, जिससे शरीर वसा जलाने की स्थिति में आ जाता है। कम इंसुलिन = अधिक fat burning।

उपवास के मुख्य फायदे (Fasting Benefits in Hindi)

Mool Health की रिसर्च टीम के अनुसार, नियमित और सही तरीके से किया गया उपवास कई स्वास्थ्य लाभ दे सकता है।

अल्पकालिक फायदे (1–4 हफ्ते में)

  • वजन कम होना: अध्ययनों से पता चला है कि इंटरमिटेंट फास्टिंग 3–8% तक वजन घटाने में मदद कर सकती है [1]
  • रक्त शर्करा नियंत्रण: उपवास इंसुलिन संवेदनशीलता को 20–30% तक सुधार सकता है [2]
  • ऊर्जा बढ़ना: ketones से मिलने वाली ऊर्जा अधिक स्थिर होती है
  • पाचन सुधरना: आंत को आराम मिलता है, सूजन कम होती है
  • मानसिक स्पष्टता: कई लोगों को उपवास के दौरान focus बेहतर लगता है

दीर्घकालिक फायदे (1–6 महीने में)

  • हृदय स्वास्थ्य: LDL कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स में कमी आ सकती है
  • मधुमेह नियंत्रण: Type 2 diabetes में रक्त शर्करा का स्तर कम हो सकता है
  • सूजन में कमी: chronic inflammation के मार्कर कम होते देखे गए हैं
  • दीर्घायु: ऑटोफेजी से कोशिकाओं का नवीनीकरण होता है, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है
  • मस्तिष्क स्वास्थ्य: Brain-derived neurotrophic factor (BDNF) बढ़ता है जो स्मृति और सीखने में मदद करता है

फायदों का सारांश तालिका

फायदाप्रभावसमयसीमा
वजन घटाना3–8% वजन कम4–8 हफ्ते
रक्त शर्करा नियंत्रणइंसुलिन संवेदनशीलता 20–30% बेहतर2–4 हफ्ते
कोलेस्ट्रॉल सुधारLDL कम, HDL बेहतर6–12 हफ्ते
ऑटोफेजी (कोशिका सफाई)16+ घंटे बाद शुरू16 घंटे के बाद
मानसिक स्पष्टताबेहतर focus और एकाग्रता1–2 हफ्ते

उपवास के प्रकार: आपके लिए कौन सा सही है?

Mool Health के विशेषज्ञों के अनुसार, उपवास का कोई एक तरीका सबके लिए सही नहीं होता। अपनी जीवनशैली, स्वास्थ्य स्थिति और लक्ष्य के अनुसार सही तरीका चुनें।

1. 16:8 इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting)

  • क्या है: 16 घंटे उपवास, 8 घंटे खाने की खिड़की
  • उदाहरण: रात 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक उपवास
  • किसके लिए: शुरुआती लोगों के लिए सबसे उपयुक्त
  • फायदा: वजन घटाना, रक्त शर्करा नियंत्रण

2. 5:2 फास्टिंग

  • क्या है: सप्ताह में 5 दिन सामान्य खाना, 2 दिन बहुत कम कैलोरी (500–600 kcal)
  • किसके लिए: जो रोज उपवास नहीं कर सकते
  • फायदा: लचीलापन और वजन प्रबंधन

3. 24 घंटे का उपवास (One Meal A Day – OMAD)

  • क्या है: पूरे दिन में सिर्फ एक बार खाना
  • किसके लिए: अनुभवी उपवास करने वाले
  • सावधानी: डॉक्टर से परामर्श जरूरी

4. धार्मिक उपवास (व्रत)

  • क्या है: एकादशी, सोमवार व्रत, नवरात्रि आदि
  • किसके लिए: धार्मिक आस्था रखने वाले
  • विशेषता: कुछ व्रत में फलाहार की अनुमति होती है

5. जल उपवास (Water Fast)

  • क्या है: 24–72 घंटे सिर्फ पानी
  • किसके लिए: केवल चिकित्सीय निगरानी में
  • सावधानी: बिना डॉक्टरी सलाह के न करें

तुलना तालिका

प्रकारअवधिकठिनाईमुख्य फायदाकिसके लिए
16:8 IF16 घंटे/दिनआसानवजन, शर्कराशुरुआती
5:22 दिन/सप्ताहमध्यमलचीला वजन प्रबंधनव्यस्त लोग
OMAD23 घंटे/दिनकठिनगहरी ketosisअनुभवी
धार्मिक व्रतपरंपरा अनुसारमध्यमआत्मिक + स्वास्थ्यआस्थावान
जल उपवास24–72 घंटेबहुत कठिनचिकित्सीयचिकित्सक निगरानी

उपवास कैसे शुरू करें: शुरुआती के लिए चरण-दर-चरण गाइड

Mool Health की सिफारिश है कि उपवास धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से शुरू किया जाए।

शुरू करने से पहले जरूरी बातें

  • यदि आप मधुमेही हैं, गर्भवती हैं, या कोई दवा ले रहे हैं — डॉक्टर से पहले बात करें
  • शरीर को अचानक लंबे उपवास के लिए तैयार न करें
  • हाइड्रेशन (पानी पीना) बनाए रखें

चरण-दर-चरण प्रक्रिया

चरण 1: 12 घंटे के उपवास से शुरू करें (पहला हफ्ता)
रात का खाना 8 बजे खाएं और अगले दिन 8 बजे तक कुछ न खाएं। यह सबसे आसान तरीका है क्योंकि इसमें नींद का समय शामिल होता है।

चरण 2: 14:10 पर जाएं (दूसरा हफ्ता)
रात 8 बजे खाना बंद करें और अगले दिन 10 बजे खाएं। शरीर को इस बदलाव के लिए समय दें।

चरण 3: 16:8 पर जाएं (तीसरा–चौथा हफ्ता)
16 घंटे का उपवास और 8 घंटे की खाने की खिड़की। अधिकांश लोगों के लिए यह सबसे प्रभावी और टिकाऊ तरीका है।

चरण 4: खाने की खिड़की में पोषक भोजन लें
उपवास तभी उपयोगी होता है जब eating window में संतुलित और पोषक भोजन लिया जाए। Protein, fibre, healthy fats, साबुत अनाज, फल और सब्जियों को शामिल करें। फास्टिंग के बाद बहुत ज्यादा तला-भुना, मीठा या processed food खाने से बचें, क्योंकि इससे calorie intake बढ़ सकता है और पाचन पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

चरण 5: पानी और नींद पर ध्यान दें
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और 7–8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करें। Dehydration और poor sleep भूख बढ़ा सकते हैं और fasting routine को मुश्किल बना सकते हैं।

चरण 6: शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें
अगर लगातार चक्कर, कमजोरी, कंपकंपी, confusion या अत्यधिक थकान महसूस हो तो fast जारी रखने के बजाय भोजन लें और जरूरत पड़ने पर healthcare professional से सलाह लें।

Key Takeaways

यह एक निश्चित समय तक भोजन या कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन रोकने की प्रक्रिया है। इसे स्वास्थ्य, धार्मिक और जीवनशैली से जुड़े उद्देश्यों के लिए अपनाया जाता है।

Your gut is unique your healing should be too.

FAQs

उपवास कुछ लोगों में calorie intake को नियंत्रित करने और वजन प्रबंधन में मदद कर सकता है। इसके परिणाम व्यक्ति के आहार, lifestyle और consistency पर निर्भर करते हैं।

यह उपवास के प्रकार पर निर्भर करता है। कई fasting methods में पानी, बिना चीनी वाली चाय या black coffee की अनुमति होती है।

शुरुआती लोग आमतौर पर 12 घंटे या 16:8 जैसे आसान fasting patterns से शुरुआत कर सकते हैं।

गर्भवती महिलाएं, मधुमेह वाले लोग, कुछ medical conditions वाले व्यक्ति और नियमित दवाएं लेने वाले लोगों को उपवास शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

Disclaimer

The content provided by Mool Health is for educational and informational purposes only and should not be considered a substitute for professional medical advice, diagnosis, or treatment.

Back to health hindi articles

Latest blogs