एसिडिटी की दवा: तुरंत राहत देने वाली टैबलेट vs जड़ से इलाज

Published on Wed Feb 18 2026
आजकल एसिडिटी एक बेहद आम समस्या बन चुकी है।
खाना खाने के बाद सीने में जलन, खट्टी डकारें, गले में खट्टापन और पेट में भारीपन — ये सब acid imbalance के संकेत हैं।
ज़्यादातर लोग तुरंत राहत के लिए market में मिलने वाली टैबलेट या antacid का इस्तेमाल करते हैं।
कुछ मिनटों में आराम मिल जाता है, पर सवाल ये है: क्या ये स्थायी इलाज है या सिर्फ लक्षण दबाने का तरीका?
Quick Answer: एसिडिटी की सबसे आम दवाएं
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दवा का प्रकार |
कैसे काम करती है |
असर |
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Antacids |
पेट के acid को neutral करती हैं |
तुरंत राहत |
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PPIs (Proton Pump Inhibitors) |
पेट में acid बनना ही रोकती हैं |
लंबे समय तक suppression |
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Enzyme Supplements |
खाना पचाने में मदद |
गैस और heaviness कम |
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Antispasmodics |
पेट दर्द और मरोड़ कम करती हैं |
cramps से आराम |
ध्यान दें: ये दवाएं केवल लक्षण दबाती हैं। जड़ कारण वहीँ का वहीँ रहता है, इसलिए समस्या बार-बार लौट आती है।
लोग एसिडिटी की दवाओं पर निर्भर क्यों हो जाते हैं?
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तुरंत राहत मिलती है
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हर मेडिकल स्टोर पर आसानी से उपलब्ध
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बिना डॉक्टर की सलाह के भी लोग नियमित रूप से खा लेते हैं
लेकिन सच यह है कि ये केवल temporary आराम देती हैं।
इलाज नहीं।
बार-बार एसिडिटी क्यों होती है? (Even After Tablets)
1. Acid Rhythm बिगड़ना
कभी पेट बिना खाने के भी acid release करता है।
उदाहरण: रात को सोते समय या सुबह empty stomach जलन।
Antacid इसे दबा देता है, पर सही rhythm सिखा नहीं पाता।
2. कमजोर पाचन अग्नि (Weak Agni)
खाना पूरी तरह digest नहीं होता → fermentation → acidity।
Enzyme tablets digestion की ताक़त वापस नहीं लातीं।
3. Gut Lining Damage
लंबे समय तक टैबलेट लेने से पेट की परत कमजोर हो जाती है।
अब normal acid भी irritation करता है।
4. Gut Flora Imbalance
अच्छे bacteria घटते हैं, हानिकारक bacteria बढ़ते हैं।
इससे fermentation और acidity worsen हो जाती है।
5. Stress और Gut-Brain Disconnect
तनाव और नींद की कमी acid secretion को disturb कर देते हैं।
कोई भी allopathy tablet इस imbalance को ठीक नहीं कर सकती।
आयुर्वेदिक दृष्टिकोण
आयुर्वेद मानता है कि एसिडिटी केवल acid ज़्यादा होने की समस्या नहीं, बल्कि dosha imbalance है।
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दोष |
असंतुलन |
लक्षण |
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पित्त |
गर्मी बढ़ना |
जलन, खट्टी डकार |
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अग्नि मंद |
digestion slow |
heaviness, अपच |
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वात असंतुलन |
गैस ज्यादा |
bloating, कब्ज |
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अग्नि को मजबूत करना
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Acid rhythm को संतुलित करना
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Gut lining को heal करना
एसिडिटी के लिए आयुर्वेदिक दवाएं
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दवा / हर्ब |
काम |
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अविपत्तिकर चूर्ण |
पेट की जलन शांत करता है |
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त्रिफला |
पाचन सुधारता है और कब्ज दूर करता है |
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मुलेठी |
Gut lining को heal करता है |
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आंवला |
ठंडक देता है, acid balance करता है |
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सौंठ, जीरा, अजवाइन |
अग्नि को बढ़ाते हैं और गैस कम करते हैं |
Mool का Personalized Ayurvedic Solution
हर इंसान की एसिडिटी का root cause अलग होता है।
इसीलिए Mool सिर्फ लक्षण नहीं दबाता, बल्कि root-cause based solution देता है।
Mool कैसे काम करता है?
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Gut Quiz → आपकी जड़ समस्या की पहचान
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Gut Healing Kit → herbs + probiotics + diet + routine
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Doctor Support → पूरे समय मार्गदर्शन
Kit में क्या होता है?
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Product |
काम |
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Acid Soothe |
Acid rhythm ठीक करता है, जलन कम करता है |
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Digest Ease |
पाचन सुधारता है |
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GutReset |
Gut bacteria balance करता है |
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Stress Less |
Stress-triggered acidity को calm करता है |
कितने समय में असर दिखेगा?
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स्थिति |
राहत |
पूरा समाधान |
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हल्की एसिडिटी |
5–7 दिन |
1–2 महीने |
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क्रॉनिक केस |
2–3 हफ्ते |
4–6 महीने |
Final Thoughts: इलाज नहीं, समाधान चाहिए
एसिडिटी को बार-बार दबाने के बजाय जड़ से ठीक करना ज़रूरी है।
Market tablets temporary relief देती हैं, लेकिन असली राहत तभी मिलेगी जब root cause heal होगा।
Mool का Ayurvedic system आपको स्थायी समाधान देता है — बिना side effect और बिना dependency के।
FAQs
Q1. एसिडिटी की सबसे अच्छी टैबलेट कौन सी है?
Common antacids और PPIs तुरंत राहत देते हैं, लेकिन ये permanent solution नहीं हैं।
Q2. क्या रोज़ antacid लेना सुरक्षित है?
नहीं। लंबे समय तक इस्तेमाल से rebound acidity और gut lining damage हो सकती है।
Q3. क्या आयुर्वेदिक दवा असरदार है?
हाँ, अगर सही कारण पहचानकर ली जाए तो ये असरदार और side-effect free है।
Q4. Mool कैसे अलग है?
Mool आपकी जड़ समस्या को समझकर personalized Ayurvedic kit देता है।
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Disclaimer
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से लिखा गया है। यह किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। यदि आपको बार-बार एसिडिटी, सीने में जलन या पाचन संबंधी समस्याएँ हो रही हैं, तो किसी योग्य डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। किसी भी दवा या सप्लीमेंट का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।